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Friday, 8 January 2010













चंद कदम और एक गहरी सांस ...
छोटी सी जिंदिगी और एक लम्बी आस ...
दूर हो तुम पर दिल के पास ...
अब कह दिया अलविदा ...
मै तेरे पास ...
कोरा ही कागज़ पर अब नहीं सांस ....

1 comment:

  1. aapne jindagi ke ek jite jagte sach ki pehchan kara di...

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