आंसू है की गिरते नहीं , दर्द है की रुकता नहीं !!
महफ़िल के बीच में भी तनहा हूँ , की अपना कोई मिलता नहीं !!
आदत ना रही बयां करने की , और हाले दिल पूछना आदत भी नहीं उनकी !!
बीच बाज़ार का चौराहा हूँ मै , पर यहाँ अपना कोई नहीं !!
सब अपनी मंजिल कि राह में चले जा रहे है , पर इसके आगे मेरी कोई मंजिल नहीं !!
sabki apni apni majil hoti hai..
ReplyDeletejab dil tanha hota hai tab bhi bahut kuch sochta hai..tanha kahan rahta hai..
bahut badiya ..