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Saturday, 2 January 2010

परिवर्तन


प्रिय मित्रो
परिवर्तन को हम सभी महसूस करते है देखिये ना आज मुझे यह वाल पेपर दिखा और फिर आभास हुआ की सच में समय बदल गया है ... एक पुरानी तलवार अब चूहा हो चुकी है.... एक ऐसा चूहा जिसने पल में पूरी दुनिया को अपना मुशिद बना लिया है....
हम भी उसी की छाव में है ... पर इस परिवर्तन पर दुःख नहीं होता है... आज अगर हम इतने नज़दीक है तो इसका कारण भी यही चूहा है...
२६ जनवरी आने वाला है एक ऐसा दिन जब हम अपने देश के स्वतंत्रता सैनानियों को अपने गणतंत्र को और एक गणतंत्र बनने की गुजरी हुई प्रक्रिया को जरूर याद करते है...
यही वह कलम है जिसे हमारे स्वतंत्रता वीरो ने तलवार की तरह उपयोग किया था ... क्या एक पल को भी हमे इस बात का अहसास होता है की क्या दिन थे वो ... या कभी भी हम उन वीरो को भी याद कर पाते है ... क्या कभी भी हमे इतना समय मिलता है की दो पल उन्हें भी दिए जाए या उनसे भी हमे कुछ सीखना चाहिए ....
यह सब फ़ालतू की बाते है इस पर ध्यान देना ज़रूरी नहीं है ....
इसी लिए हम आज़ाद होकर भी गुलाम है....
और अगर इस परिवर्तन से हम खुश है तो वो दिन भी दूर नहीं होगा जब हम एक आज़ाद देश के गुलाम के रूप में इस दुनिया से अलविदा कहेंगे...
विचार करिए इस परिवर्तन पर ....
तलवार बनकर जीना है की चूहा बनकर मरना है...
शुभ रात्रि....

3 comments:

  1. बढ़िया शुरूआत है.....नये साल की हार्दिक बधाई।

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  2. ravindra ji
    thanks for your compliments & wish u very very happy new year....

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  3. आप ने मरे ब्लॉग को पढ़ा एवं मुझे प्रोत्साहित किया इसके लिए आप को बहुत बहुत धन्यवाद ... मै नियमित रूप से अच्छा लिखने के लिए प्रयासरत रहूँगा....
    आप को एवं आप के परिवार में सभी को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाये ....

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