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Sunday, 4 September 2011

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कोई तुमसे पूछे कौन हूँ मै तो कह देना कोई खास नहीं एक दोस्त है,
कच्चा पक्का सा, एक झूठ है आधा सच्चा सा,
ज़ज्बात के नाम पर एक पर्दा सा, बस एक बहाना है अच्छा सा,
जो पास होकर भी पास नहीं है, पर उससे छुपा कोई राज़ नहीं है,
जो हर पल तुम्हे याद करे , अपनी साँसे तुम्हारे नाम करे,
जो रूठो तो तुम्हे मनाये, जो तुम्हे अपनी हर बात बताये ,
जो तुम्हारे गम जानता हो , दुआ तुम्हारे लिए हर पल मांगता हो,
कोई तुमसे पूछे कौन हूँ मै तो कह देना कोई खास नहीं एक दोस्त है मेरा...

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